- शराबबंदी पर मुख्यमंत्री के आदेश का हुआ पालन,
- शहर की 17 शराब दुकान और बियर बार बंद,
- बंद 17 शराब दुकानें पूर्व में 262 करोड़ रुपए में हुई थी नीलाम,
- काल भैरव मंदिर परिसर की शराब दुकान भी हुई बंद ,मंदिर में केवल शराब चढ़ाना रहेगा जारी,
सेंट्रल वॉइस, उज्जैन। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रदेश के धार्मिक शहरों में शराब बंदी के आदेश का आज से पालन होना शुरू हो चुका है। शराब बंदी का नजारा धर्म नगरी उज्जैन में साफ देखने को मिला। उज्जैन की नगर निगम सीमा में 17 शराब दुकानें और 11 बीयर बार थी जिन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया है। आदेश का पालन करवाने के लिए शहर की प्रत्येक शराब दुकान के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। दरअसल उज्जैन की सभी शराब दुकानों के बाहर कल ही बोर्ड लगा दिया गया था कि शराब दुकान हमेशा के लिए बंद रहेगी।
शराब दुकान बंद होने के विषय में जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा की मुख्यमंत्री के आदेश का उज्जैन शहर में शत प्रतिशत पालन किया जा रहा है। सभी शराब दुकान व बियर बार पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं । यहां 17 शराब दुकानों से करीब 262 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त होता था। इन दुकानों को अब शहर के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में शिफ्ट किया गया है। जिसके कारण राजस्व का नुकसान नहीं होगा। शराबबंदी पूरी तरह लागू हो इस बात को लेकर पुलिस प्रशासन का अमला तैनात किया गया है।
शराब बंदी का आदेश लागू होने पर लोगों में खुशी भी है । जहां शराब दुकान थी उसके आसपास के रहने वाले लोग इस फैसले की काफी सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह काफी परेशान रहते थे। शराबी शराब पीकर उनके घर के सामने पड़े रहते थे। कई शराबी तो मंदिर के बाहर शराब पीते थे । महिला व युवतियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। उज्जैन के शहर वासी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इस निर्णय के लिए धन्यवाद भी दे रहे हैं।
उज्जैन नगर निगम सीमा में हुई शराबबंदी का असर विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर पर भी देखने को मिल रहा है। खास बात तो यह है की काल भैरव मंदिर में मदिरा का ही भोग लगता है। इसलिए मंदिर के बाहर दो शराब दुकान थी परंतु उन्हें भी अब बंद कर दिया गया है। जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह का कहना है की काल भैरव मंदिर में यदि कोई श्रद्धालु बाहर से शराब लेकर आता है और भगवान को भोग लगाता है तो वह मान्य किया जाएगा। परंतु मंदिर परिसर के आसपास शराब बिक्री नहीं होगी